सीमांत क्षेत्रों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने की बड़ी पहल; शारदा कॉरिडोर, पूर्णागिरि रोपवे और स्थानीय विकास योजनाओं पर लगेगी मुहर
विशेष संवाददाता
बनबसा (चंपावत)। उत्तराखंड की राजनीति और प्रशासनिक व्यवस्था में 4 अक्टूबर का दिन एक नया इतिहास रचने जा रहा है। प्रदेश के इतिहास में पहली बार राज्य सरकार की कैबिनेट बैठक राजधानी देहरादून से बाहर, चंपावत जिले के सीमांत कस्बे बनबसा में आयोजित होने जा रही है।
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में होने वाली इस बैठक का मुख्य उद्देश्य यह संदेश देना है कि सरकार केवल राजधानी से नहीं चलती, बल्कि दूरस्थ और सीमांत क्षेत्रों की जनता के द्वार तक पहुंचकर उनकी समस्याओं और विकास की जरूरतों पर सीधे फैसले लेती है।
शनिवार से ही जुटने लगे मंत्री और आला अफसर
कैबिनेट बैठक को लेकर जिला प्रशासन ने अपनी सभी तैयारियां पूरी कर ली हैं। एक दिवसीय इस ऐतिहासिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए कैबिनेट मंत्रियों के साथ-साथ शासन के वरिष्ठ अधिकारियों का शनिवार से ही बनबसा पहुंचने का सिलसिला शुरू हो जाएगा। बैठक में मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव, सचिव तथा कुमाऊं आयुक्त समेत शासन के कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल रहेंगे। वीआईपी अतिथियों के ठहरने के लिए विभिन्न शासकीय गेस्ट हाउसों में लगभग 50 कमरे आरक्षित किए गए हैं।
