नई दिल्ली:
देश की राजनीति में चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली को लेकर हलचल तेज हो गई है। कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ मोर्चा खोलते हुए उनके तत्काल इस्तीफे की मांग की है। पार्टी ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि ज्ञानेश कुमार अगले 48 घंटों के भीतर अपने पद से त्यागपत्र नहीं देते हैं, तो पार्टी देशव्यापी उग्र आंदोलन शुरू करेगी।
सभी आगामी चुनावों के बहिष्कार की अपील
ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग के साथ ही कॉकरोच जनता पार्टी ने पूरे विपक्ष को एकजुट करने का प्रयास तेज कर दिया है। सीजेपी ने देश की तमाम विपक्षी पार्टियों से अपील की है कि जब तक चुनाव आयोग में पारदर्शी और निष्पक्ष सुधार (दुरस्त) नहीं हो जाते, तब तक वे आने वाले सभी चुनावों का पूरी तरह से बहिष्कार करें। पार्टी का तर्क है कि मौजूदा व्यवस्था के तहत निष्पक्ष चुनाव संभव नहीं हैं, इसलिए चुनावों में भाग लेना जनमत के साथ खिलवाड़ करने जैसा होगा।
आंदोलन की रूपरेखा और रणनीति
पार्टी के वरिष्ठ प्रवक्ताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित करते हुए कहा कि चुनाव आयोग की साख पर लगातार सवाल खड़े हो रहे हैं और लोकतंत्र की रक्षा के लिए अब कड़े कदम उठाना अनिवार्य हो गया है। 48 घंटे की समय सीमा समाप्त होते ही देश के हर राज्य और जिले में सड़क से लेकर संसद तक विरोध प्रदर्शन किए जाएंगे।
विपक्षी दलों की ओर से सीजेपी की इस अपील पर क्या प्रतिक्रिया आती है, इस पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं। यदि विपक्षी दल चुनावों के बहिष्कार की इस अपील का समर्थन करते हैं, तो आने वाले समय में देश के राजनीतिक परिदृश्य पर इसका गहरा असर देखने को मिल सकता है।
