देहरादून के बिधौली में आबकारी विभाग का बड़ा पर्दाफाश, हॉस्टलों तक फैले नेटवर्क से सरकार को करोड़ों के राजस्व नुकसान की आशंका
विशेष संवाददाता | नीरज उत्तराखंडी
देहरादून। राजधानी देहरादून के प्रेमनगर क्षेत्र स्थित बिधौली में आबकारी विभाग ने एक ऐसे हाई-टेक अवैध शराब सिंडिकेट का भंडाफोड़ किया है, जिसने सुरक्षा और आबकारी तंत्र की नींद उड़ा दी है। शिक्षण संस्थानों और छात्र हॉस्टलों को निशाना बनाकर चलाए जा रहे इस नेटवर्क का मास्टरमाइंड कोई पेशेवर अपराधी नहीं, बल्कि महज 25 वर्षीय एक लॉ (कानून) का छात्र निकला है।
व्हाट्सऐप ग्रुप पर रेट कार्ड, स्कूटी से डिलीवरी
जाँच में सामने आया है कि आरोपी ने कॉलेज के छात्र-छात्राओं और स्थानीय हॉस्टलों तक पहुँच बनाने के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘व्हाट्सऐप’ का सहारा लिया था। चैट ग्रुप्स के जरिए नियमित रूप से शराब का रेट कार्ड शेयर किया जाता था। ऑर्डर मिलने के बाद बिना किसी शक के स्कूटी के माध्यम से हॉस्टलों और पेइंग गेस्ट (PG) तक शराब की होम डिलीवरी पहुँचाई जाती थी।
करोड़ों का राजस्व नुकसान
आबकारी विभाग के अधिकारियों के अनुसार, यह नेटवर्क लंबे समय से सक्रिय था और बिना किसी वैध लाइसेंस या टैक्स भुगतान के बड़े पैमाने पर शराब की तस्करी कर रहा था। इस अवैध कारोबार से राज्य सरकार को हर साल करोड़ों रुपये के आबकारी राजस्व का चूना लगने की आशंका जताई जा रही है।
मुख्य बिंदु:
मास्टरमाइंड: 25 वर्षीय लॉ स्टूडेंट (कानून का छात्र)।
कार्यप्रणाली: व्हाट्सऐप पर कैटलॉग/रेट कार्ड शेयर कर स्कूटी से डोर-टू-डोर डिलीवरी।
टारगेट एरिया: बिधौली व प्रेमनगर क्षेत्र के कॉलेज हॉस्टल और पीजी।
कार्रवाई: आबकारी विभाग की टीम ने मामला दर्ज कर नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
