बागेश्वर। उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में शिक्षा विभाग ने फर्जी दस्तावेजों के सहारे सरकारी नौकरी हथियाने वाले शिक्षकों के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी ने फर्जी शैक्षणिक एवं अन्य प्रमाणपत्रों के आधार पर नौकरी कर रहे 10 प्राथमिक शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त कर दिया है। विभागीय जांच में फर्जीवाड़े की पुष्टि होने के बाद यह सख्त कदम उठाया गया है। शिक्षा विभाग अब इन शिक्षकों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कराने के साथ ही उनसे वेतन की वसूली की विधिक प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है।
प्रारंभिक शिक्षा विभाग से मिली जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न राजकीय प्राथमिक विद्यालयों में तैनात इन 10 शिक्षकों के शैक्षणिक और टीईटी (TET) प्रमाणपत्रों को लेकर शिकायतें मिली थीं। इसके बाद विभाग द्वारा इन प्रमाणपत्रों का संबंधित बोर्डों और संस्थानों से सत्यापन कराया गया। सत्यापन रिपोर्ट में इन सभी शिक्षकों के दस्तावेज पूरी तरह से फर्जी और कूटरचित पाए गए।
जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद जिला प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय ने 2 अक्टूबर को आधिकारिक आदेश जारी करते हुए सभी 10 शिक्षकों की सेवाएं समाप्त कर दीं। बर्खास्त किए गए शिक्षकों में से कई लंबे समय से फर्जी दस्तावेजों के आधार पर मानदेय व वेतन उठा रहे थे।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि फर्जीवाड़े के जरिए सरकारी व्यवस्था में सेंध लगाने वालों को कतई बख्शा नहीं जाएगा। बर्खास्तगी के साथ-साथ इन सभी के खिलाफ आपराधिक मामला दर्ज कराया जाएगा और अब तक सरकार से प्राप्त किए गए वेतन की रिकवरी भी की जाएगी। शिक्षा विभाग की इस कड़ी कार्रवाई से फर्जी प्रमाणपत्रों के दम पर नौकरी हासिल करने वाले अन्य लोगों में भी हड़कंप मच गया है।
